सीएस के साथ ये कोर्स करके आप जॉब मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत बना सकते हैं l

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एक क्वालिफाइड कंपनी सेक्रेटरी के तौर पर आप प्राइवेट व पब्लिक सेक्टर के अलावा फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन, बैंक, स्टॉक एक्सचेंज, डिपार्टमेंट आॅफ कंपनी अफेयर्स, कंपनी लॉ बोर्ड्स में मजबूत पोजिशन पर जगह बना सकते हैं। लेकिन अगर आप एक कम्प्लायंस मैनेजर या लीगल प्रोफेशनल के तौर पर आगे बढ़ना चाहते हैं तो सीएस के साथ या उसके बाद कुछ अतिरिक्त क्वालिफिकेशन हासिल कर सकते हैं।

  • एलएलबी : कंपनी के मैनेजमेंट से जुड़ी कानूनी जानकारी रखने वाले कंपनी सेक्रेटरीज की मांग अब बड़े पैमाने पर की जा रही है। सीएस की पढ़ाई के साथ-साथ एलएलबी की डिग्री लेकर आप सीएस के अलावा लीगल एडवाइजर, लीगल ऑफिसर के रूप में भी कॅरिअर की शुरुआत कर सकते हैं।
  • एमबीए फाइनेंस : सीएस के साथ एमबीए फाइनेंस कोर्स करके स्टूडेंट्स एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल्स के साथ- साथ फाइनेंशियल और बिजनेस स्किल्स में भी दक्ष हो जाते हैं। यही वजह है कि पढ़ाई खत्म होते ही उन्हें कंपनी में फाइनेंस सेक्रेटरी, मार्केटिंग मैनेजर, एरिया मैनेजर, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर के अवसर उपलब्ध होते हैं।
  • आईसीएसआई सर्टिफिकेट कोर्स: इस कोर्स में स्टूडेंट्स बैंकिंग कम्प्लायंस, कम्प्लायंस मैनेजमेंट, रिस्क गवर्नेंस इन इंश्योरेंस सेक्टर आदि में एडमिशन ले सकते हैं। इस कोर्स से मैनेजमेंट, फाइनेंस, पीआर जैसे क्षेत्रों में कॅरिअर की संभावना बढ़ जाती है।
  • एनसीएफएम कोर्स: अगर किसी सीएस स्टूडेंट की रुचि शेयर मार्केट और सिक्योरिटी मार्केट में है तो वह यह कोर्स कर सकता है। यह शॉर्ट टर्म कोर्स नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मुंबई द्वारा आयोजित किया जाता है। सीएस के साथ इस कोर्स की पढ़ाई के बाद स्टूडेंट्स के लिए शेयर मार्केट, बैंकिंग, ट्रेड मार्केट, फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में मौजूद बड़ी कंपनियों में जॉब के कई अवसर उपलब्ध हो जाते हैं।
  • चार्टर्डफाइनेंशियल एनालिस्ट : इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्डफाइनेंशियल एनालिस्ट ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी के जरिए स्टूडेंट्स सीएफए कोर्स की पढ़ाई कर सकते हैं। यह डिस्टेंस एजुकेशन प्रोग्राम है, जो सीएस की पढ़ाई के साथ आसानी से किया जा सकता है। इस कोर्स के बाद सीएस को एमएनसी, बैंकिंग व इंश्योरेंस सेक्टर में कॅरिअर के मौके मिलते हैं।

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